
सुबह उठते ही गले में खराश? तुरंत राहत पाने के लिए इसे आजमाए
सुबह उठने के बाद गले में खराश होने पर राहत प्राप्त करने के लिए आप कुछ घरेलू उपाय आजमा सकते हैं।
लहसुन, जिसे दुनिया भर के विभिन्न व्यंजनों का एक अहम हिस्सा माना जाता है, न केवल भोजन को स्वादिष्ट बनाता है, बल्कि इसका सेवन सेहत के लिए भी बहुत ही फायदेमंद है। यह विभिन्न बीमारियों से बचाव में मदद करता है। खासकर, कच्चा लहसुन खाना अधिक सेहतमंद माना जाता है, क्योंकि इसमें एलिसिन नामक महत्वपूर्ण एंजाइम होता है, जिसमें सूजनरोधी, एंटीऑक्सीडेंट, जीवाणुरोधी और कैंसर रोधी गुण होते हैं। यह विशिष्ट गंध के साथ आता है और एंटी-इंफ्लेमेटरी गुणों से भरपूर है, जो सूजन को कम करते हैं। इसमें एंटीमाइक्रोबियल गुण बैक्टीरिया, वायरस और फंगस को भी दूर करते हैं। लहसुन नियमित सेवन से सर्दी, खांसी, जुकाम और अन्य बीमारियों के इलाज में मदद कर सकता है और सेहत को सुरक्षित रखने में उपयोगी हो सकता है।
लहसुन नहीं सिर्फ इम्यूनिटी को बढ़ाता है, बल्कि संक्रमण से लड़ने में भी सहायक होता है। इसमें मौजूद सल्फर नामक यौगिक शरीर से विषाक्त पदार्थों को बाहर निकालने में मदद करते हैं, जिससे फ्लू, जुकाम, और त्वचा संक्रमण जैसी परेशानियां दूर होती हैं।
लहसुन सेहत के लिए अत्यधिक पौष्टिक है। इसके बावजूद कम कैलोरी होने पर, यह कई पोषक तत्वों से भरपूर है। एक कच्चे लहसुन की कली में मैंगनीज, विटामिन सी, सेलेनियम, फाइबर, कैल्शियम, कॉपर, फास्फोरस, आयरन, विटामिन बी1, विटामिन बी6 और पोटेशियम होता है। इसलिए, यह सम्पूर्ण सेहत के लिए बहुत उपयुक्त है।
लहसुन के सक्रिय तत्व हाई ब्लड प्रेशर को नियंत्रित कर सकते हैं। इससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा कम होता है। एक चम्मच शहद के साथ लहसुन का सेवन करने से हाई ब्लड प्रेशर से राहत मिल सकती है।
लहसुन से चोलेस्ट्रॉल की निगरानी में मदद हो सकती है। इसका नियमित सेवन हृदय रोग के जोखिम को कम कर सकता है। अनुसंधान दिखाता है कि वे लोग जो नियमित रूप से लहसुन खाते हैं, उनका चोलेस्ट्रॉल स्तर करीब 12 प्रतिशत तक कम हो सकता है।
लहसुन में पाए जाने वाले एलिसिन यौगिक ब्लड शुगर को नियंत्रित करता है। ब्लड शुगर को नियंत्रित करने के लिए रोजाना सुबह खाली पेट लहसुन की कच्ची कलियां खाने का प्रयास करें। इसे नियमित रूप से तीन महीने तक करने से अच्छे परिणाम प्राप्त हो सकते हैं।
यदि आप जवां रहना चाहते हैं, तो लहसुन को नियमित रूप से सेवन करना एक अच्छा विकल्प हो सकता है। लहसुन में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर के ऊतकों को ऑक्सीडेटिव क्षति से बचाने में मदद करता है, जिससे उम्र बढ़ने की प्रक्रिया धीमी हो जाती है। इसमें मौजूद एंटीऑक्सीडेंट्स ने चोलेस्ट्रॉल और ब्लड प्रेशर को नियंत्रित करने में मदद की है, जिससे हृदय और मस्तिष्क स्वस्थ रहते हैं। इससे डिमेंशिया और अल्जाइमर जैसी बीमारियों का जोखिम भी कम होता है।