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अगर आप किसान परिवार से संबंध रखते है तो ये ब्लॉग आप के लिए काफी महत्व पूर्ण है। इस ब्लॉग में आज हम KCC मतलब किसान क्रेडिट कार्ड के बारे में आपको बतएंगे। KCC क्या है? KCC क्या का क्या उपयोग है? किसान क्रेडिट कार्ड किसे मिल सकता है? किसान क्रेडिट कार्ड पर कितना लोन मिलेगा? किसान क्रेडिट कार्ड के लोन पर कितना ब्याज लगेगा? तो चलिए दोस्तो इस विषय पर विस्तार से आप को जानकारी देते है!
KCC का फुलफॉर्म किसान क्रेडिट कार्ड होता है। आपको इसके फुलफॉर्म से ही पता चल गया होगा कि लोन वाला कार्ड है। सरकार ने किसानों को बड़ी राहत देने के उद्देश्य से किसान क्रेडिट कार्ड की शुरुआत की है। किसान क्रेडिट कार्ड के जरिए किसानों को खेती से जुड़ी वस्तु जैसे-खाद, बीज, कीटनाशक इत्यादि की खरीद करने के लिए लिए कर्ज उपलब्ध कराना है।
किसान क्रेडिट कार्ड स्कीम कि शुरुआत अगस्त 1988 में भारतीय बैंको द्वारा कि गई। इसका मॉडल स्कीम नाबार्ड द्वारा आर वी गुप्ता कमेटी के सिफारिश पर की गई।
जिसका मुख्य उद्देशय किसान के लिए राहत देना है। 2019 में इस स्कीम में मत्स्य पालन एवं पशु पालन हेतु कर्ज इसमें शामिल किया गया।
सरल शब्दों में हम कहें तो किसान क्रेडिट कार्ड गरीब किसानो के लिए बहुत लाभदायक स्कीम है, पहले किसान अपनी खेती के लिए साहूकार से कर्ज लेते थे, जिसके बदले उन्हें ज़्यादा दरो से ब्याज देना पड़ता था , कभी कभी तो ऐसे भी हालात हो जाते थे कि किसान को अपनी ज़मीन बेच कर उसका ब्याज देना पड़ता था।
किसान क्रेडिट कार्ड से किसान खेती से जुड़ी जरूरत की चीजें खरीद सकता है और बाद में फसल बेचकर अपना लोन चुका सकता है।
इसमें 1.60 लाख रुपए तक का लोन लेने के लिए जमीन को बंधक रखने की जरूरत नहीं होती है। बिना किसी सिक्योरिटी के लोन मिल जाता है।
SBI के मुताबिक, सभी केसीसी अकाउंट होल्डर को एटीएम कम डेबिट कार्ड फ्री में जारी किए जाते हैं।
वहीं 3 लाख रुपए तक के लोन पर सालाना आधार पर 2 प्रतिशत तक ब्याज में राहत का प्रावधान है। अच्छी बात यह है कि जल्दी लोन चुकाने पर सालाना ब्याज में 3 प्रतिशत तक की राहत मिल सकती है।
किसान क्रेडिट कार्ड पर ब्याज दरें अलग-अलग बैंकों पर निर्भर करता है। आमतौर पर यह 9-11.50 प्रतिशत तक होता है।
वहीं खेतों में फसल को कीड़ों के हमले या किसी प्राकृतिक आपदा के चलते नुकसान होने पर फसल का बीमा कवर भी मिलता है। फिलहाल फसल बीमा कराना स्वैच्छिक कर दिया गया है।
किसान क्रेडिट कार्ड के साथ डेयरी से जुड़ा लोन भी उपलब्ध कराया जाता है।
किसान क्रेडिट कार्ड में हर साल रिन्यूअल के आधार पर 10 प्रतिशत बढ़ोतरी के साथ पांच साल तक का किसान क्रेडिट कार्ड बनाया जाता है।
रिजर्व बैंक ने घोषणा की है कि किसान क्रेडिट कार्ड धारक अपने घरेलू खर्चों का भुगतान करने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड का उपयोग कर सकते हैं। किसान अपने घरेलू खर्च के लिए लोन राशि का अधिकतम 10% तक इस्तेमाल कर सकते हैं। कोरोना वायरस के चलते लॉकडाउन के दौरान किसानों को राहत देने के लिए यह योजना शुरू की गई है।
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए दस्तावेज़
किसान क्रेडिट कार्ड के लिए अगर आवेदन करना है तो इसके लिए पीएम किसान सम्मान निधि में अकाउंट होना जरूरी है। सिर्फ वही ग्राहक सरकार की इस योजना का फायदा ले सकते हैं.
KCC किसी भी को-ऑपरेटिव बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक(RRB) से हासिल किया जा सकता है।
SBI, BOI और IDBI बैंक से भी यह कार्ड लिया जा सकता है।
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया(NPCI) रुपे KCC जारी करता है।
किसान क्रेडिट कार्ड चाहने वाले किसान किसी भी वाणिज्यिक बैंक में जाकर किसान क्रेडिट कार्ड के लिए आवेदन कर सकते हैं. किसान बैंक के सक्षम अधिकारी से भी मिल सकते हैं.
किसान क्रेडिट कार्ड ( KCC ) की वैधता की बात करें तो यह एक बार बनने के बाद पांच साल के लिए वैध रहेगा|
सरकार ने लॉकडाउन को देखते हुए इसे 31 मार्च से बढ़ाकर पहले 31 मई किया था, बाद में इसे और बढ़ाकर 31 अगस्त तक कर दिया गया। इसका मतलब यह है कि किसान KCC कार्ड के ब्याज को सिर्फ 4 फीसदी सालाना के पुराने रेट पर 31 अगस्त तक भुगतान कर सकते हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड का बकाया जमा करने की तिथि किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC धारकोंं को बैंक से लिए गए कृषि कर्ज को 31 अगस्त 2020 तक वापस करना होगा। अगर वो ऐसा नहीं करते हैं तो आपको ज्यादा ब्याज भरना होगा। अगर KCC धारकों ने 31 अगस्त तक पैसे नहीं लौटाए तो उन्हें 4 की जगह 7 फीसदी ब्याज देना पड़ेगा। कर्ज वापस करने के लिए सरकार ने 31 अगस्त तक ही पैसा जमा करने की मोहलत दी है।
दोस्तों ये सवाल बारंबार पूछा गया है, लेकिन सवाल का अभी तक कोई ठोस जवाब नहीं आया है। बिहार सरकार ने केसीसी लोन के बारे में अभी तक कोई आदेश जारी नहीं किया है कि लोन माफ होगा या नहीं। जबकि विपक्ष बार बार सरकार से आग्रह कर रही है कि गरीब किसानो का केसीसी लोन माफ किया जाए।
वित्तीय वर्ष 2019-20 में अप्रैल से दिसम्बर के बीच 1,20,372 नए तथा 44,36,400 नवीकृत सहित कुल 15,56,772 किसान क्रेडिट कार्ड :केसीसी: का वितरण बैंकों द्वारा किया गया है। लेकिन ये कहीं पर स्पष्ट नहीं है कि बिहार में केसीसी माफ़ होगा कि नहीं। अगर ऐसी कोई सूचना सरकार के माध्यम से आयेगी तो हम आपको सूचित कर देंगे।